दक्षिण-पश्चिम मानसून (Southwest Monsoon) ने अपनी रफ्तार पकड़ ली है और पूरे उत्तर भारत को अपनी आगोश में ले लिया है। भीषण गर्मी और उमस से परेशान दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के लोगों के लिए राहत की खबर है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तर भारत के अधिकांश राज्यों में 11 जुलाई तक भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट (Monsoon Rain Alert) जारी किया है।

बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र (Low Pressure Area) और सक्रिय मानसूनी ट्रफ के कारण मौसम प्रणालियां पूरी तरह अनुकूल हो गई हैं, जिससे आने वाले दिनों में उत्तर भारत में झमाझम बारिश का दौर जारी रहेगा।

उत्तर भारत में मानसून की स्थिति: राज्यों के अनुसार वेदर अपडेट

मौसम विभाग के अनुसार, अगले 4 से 5 दिनों तक मानसून की सक्रियता चरम पर रहेगी। आइए जानते हैं आपके राज्य में मौसम का क्या हाल रहने वाला है:

1. दिल्ली-NCR: 11 जुलाई तक लगातार बारिश का पूर्वानुमान

दिल्ली में मानसून की एंट्री के बाद से ही मौसम का मिजाज बदला हुआ है। IMD के ताजा बुलेटिन के अनुसार, दिल्ली और आसपास के इलाकों (Noida, Ghaziabad, Gurugram, Faridabad) में 6 जुलाई से 9 जुलाई के बीच 'fairly widespread' यानी व्यापक रूप से भारी बारिश हो सकती है। इसके साथ ही 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की भी आशंका है। यह सिलसिला 11 जुलाई तक रुक-रुक कर जारी रहेगा, जिससे तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आएगी।

2. उत्तर प्रदेश (UP): पूर्वी और पश्चिमी जिलों में 'ऑरेंज अलर्ट'

उत्तर प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। लखनऊ, कानपुर, उन्नाव और बाराबंकी समेत अवध क्षेत्र में लगातार बारिश हो रही है।

  1. पश्चिमी उत्तर प्रदेश: बागपत, मुजफ्फरनगर, बुलंदशहर, हापुड़ और गौतमबुद्ध नगर में 8 और 9 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है।
  2. पूर्वी उत्तर प्रदेश: गोरखपुर, बस्ती, वाराणसी, आजमगढ़ और जौनपुर में मौसम विभाग ने 10 और 11 जुलाई को 'isolated very heavy rainfall' यानी अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।

3. राजस्थान: मरुधरा में मानसून का रौद्र रूप

राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में मानसून ने दस्तक दे दी है। मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, पूर्वी राजस्थान में 6 से 10 जुलाई के बीच अत्यंत भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं, पश्चिमी राजस्थान (जोधपुर, बाड़मेर, जैसलमेर) में 7 और 8 जुलाई को धूलभरी आंधी के साथ भारी बौछारें पड़ सकती हैं। इस दौरान हवा की रफ्तार 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

पहाड़ी राज्यों में अलर्ट: उत्तराखंड और हिमाचल में 'वेरी हैवी रेन'

मैदानी इलाकों के साथ-साथ हिमालयी बेल्ट में भी मानसून आफत बनकर बरस रहा है। पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले पर्यटकों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की गई है:

  1. हिमाचल प्रदेश: 6 और 7 जुलाई को राज्य के कई हिस्सों में 'isolated very heavy rainfall' का अलर्ट है। किन्नौर और शिमला के कई इलाकों में भूस्खलन (Landslides) के कारण सड़कें बाधित हो रही हैं।
  2. उत्तराखंड: देवभूमि में 6 जुलाई से लेकर 11 जुलाई तक लगातार भारी बारिश की चेतावनी है। नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए संवेदनशील इलाकों में SDRF को अलर्ट पर रखा गया है।
IMD की विशेष चेतावनी: भारी बारिश के दौरान जलभराव (Waterlogging), ट्रैफिक जाम और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी गई है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की संभावना को देखते हुए अनावश्यक यात्रा से बचें।

राज्यवार तापमान और मौसम की स्थिति (एक नजर में)

नीचे दी गई तालिका में उत्तर भारत के प्रमुख शहरों के संभावित तापमान और मौसम की स्थिति को दर्शाया गया है:

शहरअधिकतम तापमान (°C)न्यूनतम तापमान (°C)मुख्य अलर्ट (11 जुलाई तक)
दिल्ली (Delhi-NCR)32°C – 34°C25°C – 27°Cतेज हवाएं, मध्यम से भारी बारिश
लखनऊ (UP)33°C – 35°C26°C – 28°Cगरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश
जयपुर (Rajasthan)34°C – 36°C27°C – 29°Cपूर्वी हिस्सों में अत्यंत भारी बारिश
शिमला (Himachal)24°C – 26°C18°C – 20°Cभारी बारिश और भूस्खलन की चेतावनी
देहरादून (Uttarakhand)26°C – 28°C21°C – 23°C11 जुलाई तक लगातार भारी वर्षा

अल नीनो (El Nino) और मानसून की चाल: मौसम वैज्ञानिकों की राय

भले ही जुलाई की शुरुआत धमाकेदार बारिश के साथ हुई है, लेकिन मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि प्रशांत महासागर में कमजोर अल नीनो (Weak El Nino) की स्थिति बनी हुई है, जो आने वाले हफ्तों में मजबूत हो सकती है। इसके कारण जुलाई के उत्तरार्ध (आधे महीने के बाद) में देश के कुछ हिस्सों में बारिश की रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ सकती है। हालांकि, मौजूदा समय में खाड़ी से आ रही नम हवाएं उत्तर भारत को पूरी तरह सराबोर करने के लिए पर्याप्त हैं।

कुल मिलाकर, 11 जुलाई तक का अलर्ट यह साफ करता है कि उत्तर भारत को फिलहाल गर्मी से पूरी राहत मिलने वाली है, लेकिन शहरों में जलभराव और पहाड़ों में भूस्खलन जैसी चुनौतियों के लिए प्रशासन और आम जनता को तैयार रहना होगा।

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