Melbourne News LIVE Update: ऑस्ट्रेलिया के आधिकारिक दौरे पर गए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज मेलबर्न में आयोजित 'भारत-ऑस्ट्रेलिया सीईओ फोरम' (India-Australia CEO Forum) और 'इकोनॉमिक रोडमैप बिजनेस इवेंट' को संबोधित किया। वैश्विक स्तर पर जारी आर्थिक मंदी की आशंकाओं और भू-राजनीतिक (Geopolitical) उथल-पुथल के बीच पीएम मोदी ने मंच से एक बेहद बड़ा और दूरगामी बयान दिया है। प्रधानमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि आज दुनिया में भले ही कितनी भी अनिश्चितता क्यों न हो, लेकिन भारत और ऑस्ट्रेलिया वैश्विक स्थिरता (Global Stability) के दो सबसे भरोसेमंद, मजबूत और प्राकृतिक स्तंभ हैं।

दोनों देशों के शीर्ष व्यापारिक दिग्गजों, उद्योगपतियों और सीईओ को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने एक बड़ा विजन दुनिया के सामने रखा। उन्होंने घोषणा की कि भारत और ऑस्ट्रेलिया की साझेदारी अब एक बिल्कुल नए 'हाई-टेक युग' में प्रवेश कर चुकी है। इस नई साझेदारी का मुख्य लक्ष्य आने वाले साल 2030 तक दोनों देशों के बीच आपसी द्विपक्षीय व्यापार (Bilateral Trade) को 100 बिलियन अमेरिकी डॉलर (100 Billion USD) के ऐतिहासिक आंकड़े के पार पहुंचाना है।

मेलबर्न से पीएम मोदी के भाषण की 5 सबसे बड़ी बातें (Key Highlights)

ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज (Anthony Albanese) की विशेष मौजूदगी में पीएम मोदी ने मंच से कई महत्वपूर्ण और भविष्य के क्षेत्रों में सहयोग को लेकर बड़ी बातें कहीं:

1. क्लीन और ग्रीन एनर्जी में ऑस्ट्रेलिया का साथ

पीएम मोदी ने भारत के वैश्विक पर्यावरण लक्ष्यों को दोहराते हुए कहा, "भारत ने साल 2030 तक 500 गीगावाट (500 GW) रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता हासिल करने और साल 2070 तक नेट-जीरो कार्बन उत्सर्जन का कड़ा लक्ष्य रखा है। ऑस्ट्रेलिया के पास मौजूद आधुनिक माइनिंग तकनीक, भारी प्राकृतिक संसाधन और यूरेनियम का विशाल भंडार भारत के इस क्लीन एनर्जी अभियान की रफ्तार को कई गुना बढ़ा सकते हैं।" दोनों देशों के बीच ग्रीन हाइड्रोजन के क्षेत्र में भी बड़े समझौते की बात कही गई है।

2. इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए सबसे सुरक्षित निवेश स्थल है भारत

ऑस्ट्रेलियाई पेंशन फंड्स और बड़े वैश्विक निवेशकों को भारत में सीधे निवेश का न्योता देते हुए पीएम मोदी ने देश की अभूतपूर्व तरक्की का एक लाइव आंकड़ा पेश किया। उन्होंने बताया कि आज के नए भारत में प्रतिदिन 34 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग (National Highways) और 1 किलोमीटर से अधिक नए रेलवे ट्रैक का निर्माण हो रहा है। ऐसे में लंबी अवधि के सुरक्षित निवेश और बंपर मुनाफे के लिए भारत से बेहतर और सुरक्षित कोई दूसरा ठिकाना नहीं हो सकता।

3. हाई-टेक और सेमीकंडक्टर सेक्टर में बड़ी क्रांति

भारत सरकार द्वारा शुरू किए गए 10 बिलियन डॉलर के चिप निर्माण इंसेंटिव प्रोग्राम का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया को मिलकर अब ट्रेडिशनल ट्रेड से ऊपर उठना होगा। उन्होंने दोनों देशों के तकनीकी विशेषज्ञों से अपील की कि वे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सेमीकंडक्टर डिजाइनिंग, क्वांटम कंप्यूटिंग और डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर (DPI) जैसे भविष्य के क्षेत्रों में वैश्विक समस्याओं के समाधान तैयार करें।

4. स्टील और ग्रीन आयरन का को-डेवलपमेंट

भारत इस समय दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा कच्चा स्टील उत्पादक देश है, जबकि ऑस्ट्रेलिया के पास बेहतरीन क्वालिटी का लॉह-अयस्क (Iron Ore) है। पीएम मोदी ने प्रस्ताव रखा कि दोनों देश मिलकर लो-कार्बन एल्युमिनियम और 'ग्रीन आयरन' जैसी भविष्य की तकनीकों पर मिलकर रिसर्च और काम करें, ताकि पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना एक टिकाऊ और सुरक्षित ग्लोबल सप्लाई चेन (Global Supply Chain) बनाई जा सके।

5. टैलेंट पार्टनरशिप और एजुकेशन

गुजरात की गिफ्ट सिटी (GIFT City) में ऑस्ट्रेलियाई विश्वविद्यालयों (जैसे डीकिन यूनिवर्सिटी) के इंटरनेशनल कैंपस खुलने की सराहना करते हुए पीएम मोदी ने कॉर्पोरेट लीडर्स से अपील की। उन्होंने कहा कि भारतीय और ऑस्ट्रेलियाई छात्रों तथा प्रोफेशनल्स की इस आवाजाही को केवल पढ़ाई या नौकरी तक सीमित न रखकर एक परमानेंट 'लाइफटाइम टैलेंट पार्टनरशिप' में बदल दिया जाए।

"मेलबर्न की ठंड में भारतीय समुदाय की गर्मी ने दिल जीत लिया"

बिजनेस फोरम की बैठक से ठीक पहले, मेलबर्न पहुंचने पर प्रवासी भारतीयों (Indian Diaspora) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बेहद अनोखा और भव्य स्वागत किया। मेलबर्न के स्टेडियम और होटल के बाहर कड़ाके की ठंड और सर्द हवाओं के बावजूद हजारों की संख्या में भारतीय मूल के लोग तिरंगा झंडा लेकर पीएम मोदी की एक झलक पाने के लिए घंटों जुटे रहे। इस दौरान पूरा माहौल 'भारत माता की जय' और 'मोदी-मोदी' के नारों से गूंज उठा।

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' (पहले ट्विटर) पर इस ऐतिहासिक स्वागत की खूबसूरत तस्वीरें साझा करते हुए लिखा:

"मेलबर्न का मौसम भले ही बहुत ठंडा हो, लेकिन वहां रहने वाले भारतीय समुदाय के स्वागत की गर्माहट वास्तव में कभी न भूलने वाली थी। भारत की मिट्टी से दूर रहकर भी अपनी संस्कृति के साथ उनका यह अटूट रिश्ता हमेशा गर्व और असीम खुशी देता है।"

इस दौरान 'ऑस्ट्रेलिया-इंडिया ऑर्केस्ट्रा' के कलाकारों द्वारा भारतीय धुन 'मां तुझे सलाम' (वंदे मातरम) की शानदार प्रस्तुति दी गई, जिसकी प्रधानमंत्री ने मंच से जमकर तारीफ की। उन्होंने इसे भारत-ऑस्ट्रेलिया के मजबूत होते सांस्कृतिक और दोस्ताना संबंधों का एक खूबसूरत प्रतीक बताया।

भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापारिक संबंधों का इतिहास और वर्तमान स्थिति

यदि हम भारत और ऑस्ट्रेलिया के आर्थिक और रणनीतिक रिश्तों के इतिहास पर नजर डालें, तो पिछले कुछ वर्षों में इसमें अभूतपूर्व तेजी आई है। साल 2022 में लागू हुआ ECTA (Economic Cooperation and Trade Agreement) दोनों देशों के व्यापार के लिए एक टर्निंग पॉइंट साबित हुआ था। इस समझौते के बाद से भारत के टेक्सटाइल, चमड़ा, आभूषण और कृषि उत्पादों के लिए ऑस्ट्रेलिया का बाजार पूरी तरह ड्यूटी-फ्री (Tax Free) हो गया था।

मौजूदा समय में दोनों देशों का द्विपक्षीय व्यापार लगभग 30 बिलियन डॉलर के आसपास है। लेकिन आज मेलबर्न में पीएम मोदी और ऑस्ट्रेलियाई पीएम एंथनी अल्बनीज ने जिस तरह से अगले स्तर के मुक्त व्यापार समझौते (CECA) पर चर्चा की है, उससे साफ है कि 2030 तक 100 बिलियन डॉलर का महत्वाकांक्षी लक्ष्य पूरी तरह से हासिल किया जा सकता है।

हिंद-प्रशांत क्षेत्र (Indo-Pacific) में बढ़ती रणनीतिक अहमियत

यह दौरा सिर्फ व्यापार तक सीमित नहीं है। रक्षा और रणनीतिक मामलों के विशेषज्ञों का मानना है कि 'क्वाड' (QUAD) संगठन के दो अहम सदस्य होने के नाते भारत और ऑस्ट्रेलिया का एक साथ आना चीन के बढ़ते दखल को संतुलित करने के लिए बेहद जरूरी है। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्वतंत्र, खुले और नियम-आधारित व्यापारिक समुद्री मार्ग को बनाए रखने के लिए दोनों देशों की नौसेनाएं लगातार 'मालाबार' जैसे सैन्य अभ्यासों में हिस्सा ले रही हैं। मेलबर्न की इस बैठक के बाद रक्षा और सुरक्षा समझौतों को भी एक नया आयाम मिलने की उम्मीद है।

निष्कर्ष (Conclusion)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह मेलबर्न और ऑस्ट्रेलिया दौरा न केवल दोनों देशों के व्यापारिक और कॉर्पोरेट रिश्तों को एक नई ऊंचाई पर ले जाएगा, बल्कि आने वाले समय में वैश्विक राजनीति में भारत के बढ़ते कद को भी रेखांकित करता है। 2030 तक 100 बिलियन डॉलर के व्यापार का रोडमैप यह साफ दिखाता है कि भारत अब दुनिया के विकसित देशों के साथ बराबरी और मजबूती से हाथ मिला रहा है। आने वाले दिन भारत और ऑस्ट्रेलिया के आर्थिक सहयोग के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में लिखे जाएंगे।

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विशेष नोट: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऑस्ट्रेलिया दौरे की एक्सक्लूसिव लाइव तस्वीरें, दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों के बीच हस्ताक्षरित समझौतों की पूरी लिस्ट और सिडनी-मेलबर्न से पल-पल की ताज़ा खबरों की सबसे तेज़ अपडेट्स के लिए हमारी आधिकारिक वेबसाइट newstak365.com को लगातार विजिट करते रहें। देश-विदेश, राजनीति और व्यापार जगत की हर सच्ची ख़बर सबसे पहले — newstak365.com