अयोध्या: भव्य श्री राम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित किए जाने वाले चढ़ावे की चोरी का मामला अब एक स्थानीय एफआईआर से निकलकर देश का सबसे बड़ा सियासी और प्रशासनिक मुद्दा बन चुका है। जून के आखिरी हफ्ते से लेकर जुलाई 2026 के पहले हफ्ते तक, इस मामले में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं, जिन्होंने धार्मिक ट्रस्टों के प्रबंधन और सुरक्षा प्रणालियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) की प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, मंदिर में 70 से अधिक बार चोरी हुई और करीब ₹7.9 करोड़ रुपये का गबन किया गया। आइए, इस खोजी रिपोर्ट में समझते हैं कि जुलाई 2026 में अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले (Ayodhya Ram Mandir Donation Theft Case) से जुड़े ताजा अपडेट्स क्या हैं।
जुलाई 2026 के 6 सबसे बड़े और सनसनीखेज खुलासे (Latest Updates)
राम मंदिर परिसर की सुरक्षा और ऑडिटिंग के दावों को धत्ता बताते हुए इस 'इनसाइड गेम' की परतें जैसे-जैसे खुल रही हैं, कई हैरान करने वाले सच सामने आ रहे हैं:
1. योग केंद्र से मिला 'रामराज्य कोष' और फर्जी QR कोड
SIT और अयोध्या पुलिस की छापेमारी में सबसे बड़ा तकनीकी खुलासा आरोपी अविनाश शुक्ला के ठिकानों से हुआ है। पुलिस ने आरोपी के 10 साल पुराने योग केंद्र से एक संदूक (Donation Chest) बरामद किया है, जिस पर 'रामराज्य कोष' लिखा हुआ था। इस संदूक पर एक फर्जी पेटीएम (PayTM) का QR कोड लगा हुआ था, जिसके जरिए श्रद्धालुओं का पैसा मंदिर ट्रस्ट के बजाय सीधे निजी सिंडिकेट के खातों में ट्रांसफर हो रहा था।
2. ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा
घोटाले की आंच जब मंदिर के शीर्ष प्रबंधन तक पहुंची, तो प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल हुआ। बढ़ते चौतरफा दबाव के बीच विश्व हिंदू परिषद (VHP) के कद्दावर नेता और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उनके साथ ही एक अन्य प्रमुख ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने भी अपना पद छोड़ दिया है।
3. नए महासचिव की नियुक्ति: बजरंग बागरा संभालेंगे कमान
ट्रस्ट ने सोमवार (6 जुलाई) को चंपत राय का इस्तीफा औपचारिक रूप से स्वीकार कर लिया। उनकी जगह विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय महासचिव रह चुके बजरंग बागरा को नया महासचिव नियुक्त किया गया है। बागरा NALCO के पूर्व CMD और पेशे से एक बेहद अनुभवी चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) हैं। उम्मीद है कि उनकी नियुक्ति से मंदिर के वित्तीय प्रबंधन में पारदर्शिता आएगी।
नोट: ट्रस्ट की अगली बड़ी बैठक 11 जुलाई को होनी तय हुई है, जिसमें नए वित्तीय नियमों पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। इसके साथ ही मंदिर मैनेजर गोपाल राव के भी जल्द ही हटने की संभावना है।
4. SBI की 3 महीने पुरानी चेतावनी को किया गया नजरअंदाज
जांच के दायरे में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की अयोध्या धाम शाखा भी आ गई है। बैंक सूत्रों के अनुसार, SBI ने करीब 3 महीने पहले ही ट्रस्ट को संदिग्ध वित्तीय गड़बड़ियों के बारे में लिखित चेतावनी दी थी और कैश-काउंटिंग स्टाफ को तुरंत बदलने का प्रस्ताव दिया था। लेकिन ट्रस्ट के कुछ प्रभावशाली अधिकारियों ने इस चेतावनी को दबा दिया।
5. CM योगी आदित्यनाथ ने बढ़ाई SIT जांच की समय-सीमा
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़ा रुख अपनाया है। लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत द्वारा प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद, गहन जांच के लिए SIT की समय-सीमा को बढ़ाकर 15 जुलाई 2026 कर दिया गया है।
6. 7 बैंकों के 5 साल के रिकॉर्ड्स खंगाल रही है पुलिस
क्राइम ब्रांच और एसआईटी ने गिरफ्तार किए गए 8 मुख्य आरोपियों और उनके करीबियों से जुड़े 7 अलग-अलग बैंकों के पिछले 5 साल के बैंकिंग रिकॉर्ड्स मांगे हैं। जांच एजेंसी यह पता लगा रही है कि ₹10,000 से ₹15,000 प्रति माह कमाने वाले ये संविदा कर्मचारी अचानक लाखों के आलीशान मकान, फार्महाउस और महंगी एसयूवी के मालिक कैसे बन गए।
'चंदा चोरी' का मुख्य सूत्रधार: पूर्व ड्राइवर 'टिन्नू यादव'
SIT की जांच के केंद्र में इस समय राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव है, जो पूर्व में चंपत राय का निजी ड्राइवर रह चुका था। इसी निकटता का फायदा उठाकर उसने दान पेटियों (Hundis) और काउंटिंग रूम की मुख्य चाबियां अपने पास रख ली थीं।
उसने अपने भतीजे मनीष कुमार यादव सहित कई करीबियों को दान गणना टीम में शामिल कराया था। पुलिस की छापेमारी के दौरान मंदिर परिसर के बाथरूमों और आरोपियों के घरों से अब तक लगभग ₹80 लाख नकद बरामद किए जा चुके हैं।
सुरक्षा में भारी चूक: पासवर्ड प्रोटेक्टेड CCTV का खेल
70 एकड़ में फैले राम मंदिर परिसर की सुरक्षा के लिए 800 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। लेकिन जांच में सामने आया कि 'काउंटिंग रूम' के 4 से 5 मुख्य कैमरों के लाइव फीड को 'पासवर्ड प्रोटेक्ट' करके लॉक किया गया था। इसका नियंत्रण केवल कुछ चुनिंदा लोगों के पास था, जिससे पिछले कुछ महीनों के फुटेज के साथ छेड़छाड़ की आशंका बढ़ गई है।
आउटसोर्सिंग का फेलियर: केस मैट्रिक्स पर एक नज़र
यह पूरा घोटाला भारत में सुरक्षा और मैनपावर आउटसोर्सिंग एजेंसियों के बैकग्राउंड वेरिफिकेशन सिस्टम पर एक गंभीर सवाल खड़ा करता है।
| विवरण | स्थिति / आंकड़े |
| आउटसोर्सिंग एजेंसी | सैनिक सिक्योरिटी सर्विसेज, वाराणसी |
| मूल कार्य | एसबीआई अयोध्या के माध्यम से हाउसकीपिंग (साफ-सफाई) |
| नियमों का उल्लंघन | नियमों को ताक पर रखकर इन्हें सीधे कैश काउंटिंग में लगाया गया |
| सुरक्षा चूक | बिना चेकिंग के बड़े पॉकेट वाले कुर्ते और कार्गो पैंट पहनकर जाना |
| औसत वेतन | ₹10,000 से ₹15,000 प्रति माह |
| आरोपियों की अवैध संपत्ति | ₹65 लाख के मकान, महंगी गाड़ियां और फार्महाउस |
थमा नहीं है राजनीतिक घमासान: विपक्ष बनाम VHP
इस मुद्दे को लेकर देश की सियासत पूरी तरह गर्मा गई है और विपक्षी दल लगातार सरकार को घेर रहे हैं:
- अरविंद केजरीवाल (AAP): आम आदमी पार्टी के संयोजक ने सवाल उठाया कि जब आईबी (IB) ने प्रधानमंत्री को गोपनीय रिपोर्ट सौंपी थी, तो इस पर पहले कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
- अखिलेश यादव (SP): समाजवादी पार्टी के मुखिया ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जनता की आस्था के पैसे को निजी तिजोरियों में भरा गया है और सीसीटीवी फुटेज लॉक करना इसकी गवाही देता है।
- प्रियंका गांधी वाद्रा (Congress): कांग्रेस ने इस पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच (SC-monitored probe) कराने की मांग की है।
- VHP का पलटवार: वीएचपी के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने पुलिस से मांग की है कि जो विपक्षी नेता बिना प्रमाण के भ्रम फैला रहे हैं, SIT उन्हें नोटिस जारी कर सबूत मांगे।
- RTI के दायरे में लाने की मांग: सीपीआई(एम) के राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटास ने गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर राम मंदिर ट्रस्ट को वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की तर्ज पर सूचना के अधिकार (RTI Act) के दायरे में लाने की मांग की है।
मंदिर में सुधार: चोरी रुकते ही दान की राशि हुई दोगुनी
SIT की सख्त कार्रवाई और मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी का एक सकारात्मक असर देखने को मिला है। जैसे ही मंदिर के अंदर चल रहा यह सिंडिकेट टूटा, ट्रस्ट के आधिकारिक बैंक खातों में जमा होने वाली दैनिक नकद राशि में भारी उछाल आया है।
जहां पहले रोजाना का औसत नकद जमा ₹10 से ₹12 लाख रुपये दर्ज किया जाता था, वहीं इस रैकेट के खत्म होने के बाद अब रोजाना का आधिकारिक दान ₹20 से ₹24 लाख तक पहुंच गया है। यानी दान की राशि सीधे दोगुनी हो गई है, जो यह साबित करती है कि हर दिन लाखों रुपये सिस्टम से गायब किए जा रहे थे।
Frequently Asked Questions (FAQs) — जुलाई 2026 अपडेट्स
Q1. जुलाई 2026 में अयोध्या राम मंदिर मामले में क्या नया मोड़ आया है?
उत्तर: जुलाई 2026 के ताजा अपडेट के अनुसार, मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला के योग केंद्र से एक फर्जी 'रामराज्य कोष' का संदूक मिला है जिस पर निजी PayTM QR कोड लगा हुआ था। इसके अलावा, SIT की जांच अवधि को 15 जुलाई 2026 तक बढ़ा दिया गया है।
Q2. क्या चंपत राय ने राम मंदिर ट्रस्ट से इस्तीफा दे दिया है?
उत्तर: हां, डोनेशन चोरी मामले में बढ़ते विवाद और प्रशासनिक लापरवाही के आरोपों के बाद ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दे दिया है, जिसे 6 जुलाई को औपचारिक रूप से स्वीकार कर लिया गया।
Q3. चंपत राय की जगह नया महासचिव कौन बना है?
उत्तर: श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने 6 जुलाई 2026 को नाल्को (NALCO) के पूर्व सीएमडी और अनुभवी चार्टर्ड अकाउंटेंट बजरंग बागरा को नया महासचिव नियुक्त किया है।
Q4. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की इस मामले में क्या भूमिका सामने आई है?
उत्तर: जांच में पता चला है कि SBI की अयोध्या शाखा ने 3 महीने पहले ही कैश काउंटिंग स्टाफ की संदिग्ध गतिविधियों को लेकर ट्रस्ट को लिखित चेतावनी दी थी, लेकिन कुछ अधिकारियों द्वारा इस पर कोई त्वरित कार्रवाई नहीं की गई।
Q5. राम मंदिर में कितने रुपये की चोरी का अनुमान है?