मुंबई और इसके आसपास के इलाकों में हो रही धुआंधार बारिश अब आम जनजीवन के लिए बड़ी मुसीबत बन चुकी है। इस भारी बारिश का सबसे गंभीर असर मुंबई-पुणे रेल मार्ग (Mumbai-Pune Rail Route) पर पड़ा है। रविवार देर रात कर्जत और लोनावला के बीच दक्षिण-पूर्वी घाट खंड (South-East Ghat Section) में हुए भीषण भूस्खलन (Landslide) के कारण इस रूट पर रेल परिचालन पूरी तरह ठप हो गया है। ट्रैक पर भारी मात्रा में मलबा और चट्टानें गिरने के कारण रेलवे को कई प्रमुख ट्रेनों को रद्द करना पड़ा है, जबकि कई ट्रेनों के रूट डायवर्ट किए गए हैं।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव (Railway Minister Ashwini Vaishnaw) ने खुद कमान संभाली है और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ स्थिति की उच्च स्तरीय समीक्षा की है।

ठाकुरवाड़ी और मंकी हिल के बीच भीषण भूस्खलन

मिली जानकारी के अनुसार, यह भूस्खलन मध्य रेलवे (Central Railway) के मुंबई डिवीजन के तहत आने वाली 'अप मेन लाइन' पर ठाकुरवाड़ी और मंकी हिल लूप (Thakurwadi and Monkey Hill Loop) के बीच हुआ है।

कर्जत के पास ठाकुरवाड़ी रेलवे स्टेशन के नजदीक पहाड़ियों से भारी मात्रा में बोल्डर (चट्टानें) और मिट्टी खिसककर पटरियों पर आ गिरी। चूंकि यह घाट सेक्शन बेहद संवेदनशील है, इसलिए इस लैंडस्लाइड का असर रेलवे की तीनों लाइनों (अप, डाउन और मिडिल लाइन) पर पड़ा। ट्रैक पूरी तरह मलबे से पट जाने के कारण ट्रेनों को जहां-तहां रोकना पड़ा, जिससे यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

खंडाला के पास दूसरा भूस्खलन: मुश्किलें और बढ़ीं

रेलवे की इंजीनियरिंग और आपदा राहत टीमें (Artident Relief Teams) जैसे ही मौके पर पहुंचकर मलबा हटाने के काम में जुटीं, तभी तड़के करीब 3:05 बजे खंडाला और मंकी हिल स्टेशन के बीच मिडिल लाइन पर एक और लैंडस्लाइड हो गया।

लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते घाट सेक्शन में पहाड़ियों से पत्थर गिरने का सिलसिला थम नहीं रहा है। गिरते पत्थरों और लगातार होती बारिश के बीच मलबे को साफ करना और रेल परिचालन को सुरक्षित बनाना रेलवे प्रशासन के लिए एक बेहद चुनौतीपूर्ण कार्य बन गया है।

मुंबई-पुणे रूट पर रद्द होने वाली ट्रेनों की पूरी सूची (Cancelled Trains List)

सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मध्य रेलवे (Central Railway) ने सोमवार के लिए मुंबई और पुणे के बीच चलने वाली कई बेहद लोकप्रिय और महत्वपूर्ण इंटरसिटी ट्रेनों को रद्द कर दिया है। रद्द की गई ट्रेनों की सूची नीचे दी गई है:

ट्रेन नंबरट्रेन का नाम (Train Name)रूट (Route)
11011/11012सीएसएमटी-धुले-सीएसएमटी एक्सप्रेसमुंबई CSMT - धुले
12169/12170पुणे-सोलापुर-पुणे इंटरसिटी एक्सप्रेसपुणे - सोलापुर
12127/12128सीएसएमटी-पुणे-सीएसएमटी इंटरसिटी एक्सप्रेसमुंबई CSMT - पुणे
11007/11008सीएसएमटी-पुणे-सीएसएमटी डेक्कन एक्सप्रेसमुंबई CSMT - पुणे
12123/12124सीएसएमटी-पुणे-सीएसएमटी डेक्कन क्वीनमुंबई CSMT - पुणे
12125/12126सीएसएमटी-पुणे-सीएसएमटी प्रगति एक्सप्रेसमुंबई CSMT - पुणे
22105/22106सीएसएमटी-पुणे-सीएसएमटी इंद्रायणी एक्सप्रेसमुंबई CSMT - पुणे
11009/11010सीएसएमटी-पुणे-सीएसएमटी सिंहगढ़ एक्सप्रेसमुंबई CSMT - पुणे

डायवर्ट की गई लंबी दूरी की ट्रेनें (Diverted Trains)

घाट सेक्शन में ट्रैफिक ब्लॉक होने के कारण रेलवे ने लंबी दूरी की 9 ट्रेनों को उनके सामान्य मार्ग के बजाय वैकल्पिक मार्गों (Alternative Routes) से चलाने का फैसला किया है। डायवर्ट की गई ट्रेनें इस प्रकार हैं:

  1. अहमदाबाद-कोल्हापुर एक्सप्रेस
  2. इंदौर-दौंड एक्सप्रेस
  3. अहमदाबाद-पुणे दुरंतो एक्सप्रेस
  4. बीदर-सीएसएमटी एक्सप्रेस
  5. हजूर साहिब नांदेड़-पनवेल एक्सप्रेस
  6. चारलापल्ली-इंदौर हमसफर एक्सप्रेस
  7. एलटीटी-एसएमवीटी बेंगलुरु एक्सप्रेस
  8. दौंड-ग्वालियर सुपरफास्ट एक्सप्रेस
  9. चेन्नई एग्मोर-सीएसएमटी मेल
यात्रियों के लिए सलाह: यदि आप आज या अगले एक-दो दिनों में मुंबई-पुणे मार्ग पर यात्रा करने की योजना बना रहे हैं, तो घर से निकलने से पहले रेलवे के हेल्पलाइन नंबर या 'NTES' ऐप के जरिए अपनी ट्रेन का लाइव स्टेटस (Train Live Status) जरूर चेक कर लें।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने की स्थिति की समीक्षा

इस बड़े रेल संकट पर रेल मंत्रालय पूरी नजर बनाए हुए है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मध्य रेलवे (CR) के महाप्रबंधक (General Manager) राजीव श्रीवास्तव से फोन पर लंबी बातचीत की और ग्राउंड जीरो के हालात का जायजा लिया।

रेल मंत्री ने सोशल मीडिया और आधिकारिक बयान के जरिए बताया:

"मुंबई-पुणे घाट खंड में रेलवे ट्रैक पर भारी भूस्खलन और चट्टानें गिरने से उत्पन्न स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई है। मौके पर रेलवे की टेक्निकल टीमें, भारी मशीनरी और आपदा प्रबंधन बल पूरी मुस्तैदी से काम कर रहे हैं। लगातार हो रही बारिश के कारण काम में मुश्किलें आ रही हैं, लेकिन हमारी टीमें काफी मशक्कत कर रही हैं। सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करते हुए जल्द से जल्द इस रूट पर सुरक्षित रेल यात्रा बहाल की जाएगी।"

ग्राउंड रिपोर्ट: ट्रैक साफ करने में आ रही हैं क्या चुनौतियां?

मुंबई-पुणे रेल मार्ग का यह हिस्सा (Ghat Section) अपनी भौगोलिक बनावट के कारण मानसून में बेहद संवेदनशील हो जाता है। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, इस समय मौके पर निम्नलिखित बड़ी चुनौतियां हैं:

  1. लगातार गिरते बोल्डर: पहाड़ियों से रुक-रुक कर भारी पत्थर नीचे गिर रहे हैं, जिससे वहां काम कर रहे मजदूरों और इंजीनियरों की जान को भी खतरा बना हुआ है।
  2. विजिबिलिटी और मौसम: भारी बारिश और घाटों में छाई गहरी धुंध (Fog) के कारण विजिबिलिटी बेहद कम है, जिससे रात और तड़के के समय काम करने में काफी बाधा आई।
  3. भारी मलबा: ट्रैक पर केवल मिट्टी ही नहीं, बल्कि कई टन वजनी विशालकाय चट्टानें गिरी हैं, जिन्हें हटाने के लिए भारी-भरकम क्रेन और मलबे को काटने वाली मशीनों की आवश्यकता पड़ रही है।

फिलहाल, रेलवे प्रशासन का दावा है कि युद्ध स्तर पर काम जारी है और प्राथमिकता सबसे पहले मिडिल लाइन को क्लियर करने की है ताकि कुछ आवश्यक ट्रेनों को निकाला जा सके।

मानसून में मुंबई-पुणे रेल रूट का इतिहास और सुरक्षा उपाय

यह पहली बार नहीं है जब मुंबई-पुणे रेल मार्ग पर मानसून के दौरान भूस्खलन हुआ हो। कर्जत-लोनावला भोर घाट (Bhor Ghat) सेक्शन में हर साल भारी बारिश के दौरान ऐसी घटनाएं सामने आती हैं।

रेलवे द्वारा किए जाने वाले सुरक्षा उपाय:

  1. वेदर वॉचमैन की तैनाती: मानसून के दौरान संवेदनशील पहाड़ी इलाकों में 'क्रैग वॉचमैन' या वेदर वॉचमैन तैनात किए जाते हैं, जो पटरियों पर नजर रखते हैं।
  2. चट्टानों की जाली (Rockfall Netting): रेलवे ने कई जगहों पर पहाड़ों को स्टील की मजबूत जाली से ढका है ताकि पत्थर नीचे न गिरें, लेकिन इस बार बारिश की तीव्रता इतनी अधिक थी कि प्राकृतिक दबाव के कारण मलबा जाली को तोड़ते हुए नीचे आ गया।
  3. सुरंगों का सुदृढ़ीकरण: इस रूट पर पड़ने वाली दर्जनों सुरंगों (Tunnels) की सुरक्षा के लिए भी मानसून से पहले विशेष चेकिंग की जाती है।

निष्कर्ष और यात्रियों के लिए जरूरी लिंक

मुंबई में हो रही यह आफत की बारिश केवल ट्रेनों तक सीमित नहीं है; इसका असर मुंबई एयरपोर्ट से संचालित होने वाली हवाई यात्राओं और मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे (Mumbai-Pune Expressway) पर सड़क यातायात पर भी देखा जा रहा है। खराब मौसम के कारण यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे बेहद जरूरी होने पर ही यात्रा करें।